बरेली में नहीं निकलेगा जुलूस-ए-गौसिया, इंटरनेट बंद, चप्पे-चप्पे पर फोर्स का पहरा

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बरेली: उत्तर प्रदेश के कानपुर में बारावफात (ईद मिलादुन्नबी) पर एक पोस्टर पर उठा विवाद बड़ा बवंडर बन गया। बरेली में एक सप्ताह के अंदर दूसरी बार इंटरनेट शटडाउन है। पिछले जुमे को यहां प्रदर्शन करने उतरी भीड़ पुलिस से उलझ गई थी। पुलिस ने बलप्रयोग करके भीड़ को खदेड़ा और उसके से यहां पुलिस की कठोर कार्रवाई जारी है। बुलडोजर के खौफ ने एक बड़ी आबादी की नींद उड़ा रखी है। इस बीच 4 सितंबर को 11वीं शरीफ है, जिसे जश्ने-गौस-ए-आजम है या जुलूस-ए-गौसिया भी कहा जाता है। हालात को देखते हुए दरगाह आला हजरत के सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां ने इस बार बरेली में जुलूस-ए-गौसिया निकालने से इनकार कर दिया है।
दरगाह के सज्जादानशीन ने अंजुमन गौस-ओ रजा के साथ एक बैठक में ये फैसला किया है। करीब 80 अंजुमनों के साथ पुराना शहर के सैलानी रजा चौक से, शेख अब्दुल कादिर बगदादी, गौस पाक की शान में ये जुलूस निकाला जाता है।
दरगाह और कमेटी ने संयुक्त बयान में कहा कि हालात को देखते हुए इस साल जुलूस रद्द किया गया है। अगली साल पूरी शानो-शौकत के साथ जुलूस निकाला जाएगा। सज्जादानशीन ने कहा कि अपने घरों पर फातिहा, लंगर करें। दोपहर दो बजे सज्जादानशीन की मौजूदगी में रजा चौक पर एक रस्मी यानी संक्षिप्त कार्यक्रम होगा।
कानपुर से बरेली तक बेचैनी 
कानपुर में 4 सितंबर को बारावफात पर जुलूस निकाला था। इसमें कुछ लोग आई लव मुहम्मद के पोस्टर लेकर शामिल हुए थे। संगठनों ने इसे नई परंपरा बताते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इस पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली। हालांकि बाद में पुलिस ने अपनी सफाई में कहा कि ये एफआईआर एक कैंप को लेकर दर्ज की गई थी, जिसमें पोस्टर लगा था।
मौलाना ने प्रदर्शन का किया ऐलान 
इस एफआईआर के विरोध में बरेली में इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल के अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा खान ने 26 सितंबर को प्रदर्शन का ऐलान किया था। जुमा को प्रदर्शन की रात पुलिस ने मौलाना को फाइक एंक्लेव में फरहत के घर पर हाउस अरेस्ट कर लिया। जुमे की नमाज के बाद कुछ भीड़ सड़कों पर आ गई और उसे रोकने के दौरान पुलिस से टकराव हो गया। इसके बाद पुलिस ने लाठियां भांजकर भीड़ को खदेड़ दिया।
मौलाना समेत सैकड़ों पर गंभीर धाराएं 
हिंसा भड़काने के आरोप में पुलिस ने मौलाना तौकीर रजा खान को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। इस प्रकरण में अब तक 85 से अधिक लोगों की गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। करीब 100 संपत्तियां चिन्हित की गई हैं, जो बुलडोजर की रडार पर हैं। मौलाना के साथी नफीस अहमद, नदीम खान समेत कई लोग जेल जा चुके हैं और बरेली में एक तरह की बेचैनी और भय का माहौल बना है। उधर, पुलिस-प्रशासन ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। आज, शुक्रवार को जुमा की नमाज है। बरेली में चप्पे-चप्पे पर पुलिस फोर्स का पहरा लगा है। पूरा शहर छावनी बना है। 48 घंटे के लिए इंटरनेट बंद हैं।

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