कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को चुनाव आयोग (EC) ने सोच-समझकर बयान देने को कहा है। दरअसल, चुनाव आयोग ने 30 अप्रैल को लोकसभा चुनाव के दो फेज की वोटिंग के बाद फाइनल आंकड़े जारी किए थे। इस पर खड़गे ने सवाल उठाए थे।
आयोग ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर लिखा- वोटिंग का आंकड़ा जारी करने में कोई देरी नहीं हुई। फाइनल वोटिंग डेटा हमेशा वोटिंग के दिन से ज्यादा ही रहता है। 2019 के चुनाव के बाद से हम मैट्रिक्स पर इसे अपडेट कर रहे हैं। हमारे डेटा कलेक्ट करने के तरीके में कोई भी गड़बड़ी नहीं है।
आयोग ने कहा कि खड़गे ऐसे आरोप लगाकर चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं। ऐसे आरोपों से लोगों के बीच भ्रम की स्थिति बनती है और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया में दिक्कतें होती हैं। मतदाताओं की भागीदारी पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं। बड़ी संख्या में चुनाव के लिए काम कर रही टीम का उत्साह कम हो सकता है।





















