बहुजन समाज पार्टी की ओर से पुरानी जेल रोड के कांशीराम स्मारक स्थल पर कांशीराम के 19वें परिनिर्वाण दिवस पर कार्यक्रम और रैली को लेकर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था में लखनऊ कमिश्नरेट के 2114 पुलिस कर्मियों को लगाया गया है। राजधानी में 9 अक्टूबर गुरुवार को होने जा रही बसपा की रैली की तैयारियां पूरी हैं। पार्टी ने इसके लिए शहरभर को नीले झंडों और पोस्टर-बैनर से सजाया है। अपना खोया हुआ जनाधार पाने की कोशिश में जुटीं मायावती, रैली के जरिए एक बार फिर शक्ति प्रदर्शन कर सकती हैं। तैयारियां तो पांच लाख तक की भीड़ जुटाने की रख रखी है। स्वाभाविक है पार्टी की मंशा इसके जरिए यूपी की राजनीति में एक नयी करवट लेने की है। माना जा रहा है कि रैली अगर सफल रही तो बसपा के गिरते ग्राफ के बाद, 2027 के चुनाव को योगी बनाम अखिलेश माना जा रहा हो लेकिन इस लड़ाई में मायावती की भी एंट्री हो सकती है।
डीसीपी ट्रैफिक कमलेश दीक्षित ने बताया कि श्रद्धा सुमन कार्यक्रम और रैली को लेकर रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और अन्य सार्वजिनक स्थलों पर पुलिस फोर्स तैनात की गयी है।
कार्यक्रम स्थल के आसपास और भीड़ में सादे कपड़ों में भी पुलिस और एलआईयू के जवान तैनात रहेंगे। कार्यक्रम में दूसरे जिलों और प्रांतों से लाखों की संख्या में लोग पहुंचेंगे। इस दौरान कई मार्गों पर आवागमन पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। कार्यक्रम स्थल पर एंबुलेंस, दमकल वाहन भी सुरक्षा मद्देनजर तैनात किए गए हैं।
बसपा नेत्री अपने चिर-परिचित अंदाज में गुरुवार को लखनऊ के कांशीराम स्मारक पार्क से एक बार फिर हुंकार भरती दिखेंगी। दरअसल, उप्र. में अगले कुछ महीनों में पंचायत चुनाव हैं और इसके बाद 2027 में विधानसभा चुनाव। ऐसे में माना जा रहा है कि अपनी इस रैली के जरिए मायावती संगठन को मजबूती का एक नया संदेश देंगी। रैली में मंच पर मायावती के साथ पार्टी के अन्य प्रमुख पदाधिकारियों में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आनंद कुमार, राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद की मौजूदगी खास होगी। इसके अलावा सतीश चंद्र मिश्रा की उपस्थिति भी संभव है।
इन्हें किया गया तैनात
डीसीपी |
4 |
एडीसीपी |
7 |
एसीपी |
21 |
इंस्पेक्टर |
69 |
उपनिरीक्षक |
549 |
महिला उपनिरीक्षक |
31 |
हेड कांस्टेबल |
341 |
महिला कांस्टेबल |
165 |
होमगार्ड |
182 |
पीएसी |
चार कंपनी |
आरएएफ |
एक कंपनी |


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