पीएम मोदी का विजन शानदार, 2047 तक भारत को पांचवां सबसे बड़ा शिपबिल्डर बनने का लक्ष्य व्यवहारिक : इटली के राजदूत

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मुंबई। भारत में इटली के राजदूत एंटोनियो एनरिको ने बुधवार को कहा कि विजन शब्द प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़ा हुआ है। उनके पास हर सेक्टर के भविष्य के लिए शानदार विजन है और वह परिणामों पर आधारित होता है। देश की आर्थिक राजधानी में ‘इंडिया मैरीटाइम वीक 2025’ के साइडलाइन में समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए उन्होंने कहा कि भारत एक मैरीटाइम पावर के रूप में विकसित होना चाहता है और 2047 तक दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा शिपबिल्डर बनने का लक्ष्य काफी व्यवहारिक लगता है।
बोथरा शिपिंग के कैप्टन धनंजय कुमार ने समाचार एजेंसी से कहा कि मैरीटाइम ग्रोथ को लेकर प्रधानमंत्री का विजन बिल्कुल स्पष्ट है। प्रधानमंत्री मोदी 2016 से ही इस क्षेत्र को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं और इस दौरान देश ने वधावन, विझिंजम, पारादीप सहित कई समुद्री पोर्ट्स में बड़ा विस्तार देखा है। उन्होंने आगे कहा कि पोर्ट्स, लॉजिस्टिक्स और रेल संपर्क के विकास से भारत को अधिक माल ढुलाई को कुशलतापूर्वक संभालने में मदद मिल रही है। प्रधानमंत्री मोदी का विजन 2047 मैरीटाइम सेक्टर को एक बड़ा बढ़ावा देगा, जिससे यह साबित होगा कि भारत ट्रेड और शिपिंग में ग्लोबल लीडर बन सकता है।
इंडियन मैरीटाइम यूनिवर्सिटी की वाइस चांसलर मालिनी वी. शंकर ने कहा कि कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ने एमआईवी 2030 का जिक्र किया, जो कि लगभग पांच साल पहले शुरू किया गया था। अब एमएके 2047 पर फोकस किया जा रहा है। इस इवेंट में कई पहलें की गई हैं वे इन योजनाओं और दस्तावेजों के अनुरूप हैं। यह दिखाता है कि सरकार केवल कागजों पर कार्य नहीं कर रही है, बल्कि इसे लागू भी कर रही है। विझिंजम बंदरगाह में केरल सरकार और वाधवन बंदरगाह में महाराष्ट्र मैरीटाइम बोर्ड का साझेदार होना काफी अच्छी बात है और यह दिखाता है कि बंदरगाहों के विकास में राज्य सरकारें भी भागीदार बन रही हैं।

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